देहरादून/हरिद्वार। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी (सेनि) बुधवार को पंचतत्व में विलीन हो गए। हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर राजकीय एवं सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान पूरे प्रदेश में शोक की लहर रही और राज्य सरकार ने तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
बुधवार सुबह देहरादून स्थित वसंत विहार आवास पर उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि) समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्वयं उनकी अर्थी को कंधा दिया। हरिद्वार के खड़खड़ी घाट पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे नेताओं में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, तीरथ सिंह रावत, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, सांसद अनिल बलूनी, सांसद अजय भट्ट, सतपाल महाराज, मदन कौशिक, धन सिंह रावत और मनिंदरजीत सिंह बिट्टा सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल रहे। बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और आम नागरिक भी मौजूद रहे।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने शोक संतप्त परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी का सोमवार सुबह देहरादून के मैक्स अस्पताल में निधन हुआ था। वह 92 वर्ष के थे और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। खंडूड़ी वर्ष 2007 और 2011 में दो बार उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे। वह गढ़वाल लोकसभा सीट से सांसद भी रहे। उनकी बेटी रितु खंडूड़ी वर्तमान में उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष हैं।
