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चमोली में मानसून मॉक ड्रिल से परखी आपदा से निपटने की तैयारी

by vasudevnews

गोपेश्वर (चमोली)। उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशन में गुरुवार को जनपद चमोली में राज्य स्तरीय मानसून तैयारी मॉक अभ्यास का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल का उद्देश्य मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से निपटने के लिए विभिन्न विभागों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता, समन्वय और आपदा प्रबंधन तंत्र की तैयारियों का परीक्षण करना था।

मॉक ड्रिल शुरू होते ही जिला आपदा नियंत्रण कक्ष और तहसील स्तर की इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) व्यवस्था सक्रिय हो गई। पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार और अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने जिला नियंत्रण कक्ष से राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। साढे आठ बजे से शुरू हुए अभ्यास के तहत जनपद के छह संवेदनशील स्थलों पर अलग-अलग आपदा परिदृश्यों का सृजन किया गया। इनमें चेपड़ों में बादल फटना और भूस्खलन, लामबगड़ में पुल क्षतिग्रस्त होने और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित होने, देवाल क्षेत्र में बादल फटने, कमेड़ा में बोल्डर गिरने से हाईवे बंद होने, तमक नाला में पुल एवं संचार व्यवस्था प्रभावित होने तथा पीपलकोटी स्थित टीएचडीसी सुरंग में श्रमिकों के फंसने जैसी काल्पनिक परिस्थितियों पर राहत एवं बचाव अभियान चलाया गया।

अभ्यास के दौरान जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, सिंचाई, विद्युत, जल संस्थान, वन, पशुपालन और दूरसंचार विभाग ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्यों का प्रदर्शन किया। घायलों को प्राथमिक उपचार, अस्पताल पहुंचाने, राहत शिविर संचालन, यातायात प्रबंधन, संचार व्यवस्था बहाल करने और संसाधनों के समन्वित उपयोग का व्यवहारिक परीक्षण भी किया गया।

अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश ने बताया कि ऐसे अभ्यास वास्तविक आपदा के समय विभागों की कार्यक्षमता, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और आपसी समन्वय को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। इससे जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

मॉक ड्रिल के दौरान जिला आपदा परिचालन केंद्र में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अभिषेक गुप्ता, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी, जिला पूर्ति अधिकारी अंकित पांडे समेत इंसिडेंट रिस्पांस सिस्टम के नामित अधिकारी एवं विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।