Home » Blog » मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्थानीय बाजार ने बदली पहाड़ के किसानों की तस्वीर, 8901 किसानों को मिला 1.85 करोड़ का भुगतान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में स्थानीय बाजार ने बदली पहाड़ के किसानों की तस्वीर, 8901 किसानों को मिला 1.85 करोड़ का भुगतान

by vasudevnews
  • थत्यूड़-अलमस के सब्जी विपणन केंद्र बने किसानों की आय का मजबूत आधार, चार साल में 7,216 क्विंटल से अधिक सब्जियों की हुई खरीद

टिहरी। पहाड़ के छोटे और सीमांत किसानों को स्थानीय स्तर पर अपनी उपज का बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश सरकार की पहल अब धरातल पर असर दिखा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य समेकित सहकारी विकास परियोजना के अंतर्गत शिंका कंपनी के सहयोग से विकासखंड जौनपुर के थत्यूड़ और अलमस में वर्ष 2022-23 में स्थापित सब्जी विपणन केंद्र (पीवीएस) क्षेत्र के हजारों किसानों के लिए आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी माध्यम बन गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से वर्ष 2022 से 2026 तक 8,901 किसानों से 7,216.08 कुंतल सब्जियों की खरीद की गई और किसानों के खातों में 1 करोड़ 84 लाख 64 हजार 300 रुपये का भुगतान किया गया।

दूर के बाजारों तक जाने की मजबूरी हुई खत्म

पहाड़ के छोटे एवं सीमांत किसानों को पहले अपनी सब्जियां बेचने के लिए मसूरी और देहरादून जैसे दूरस्थ बाजारों का रुख करना पड़ता था। इससे परिवहन पर अतिरिक्त खर्च के साथ समय भी अधिक लगता था। कई बार परिवहन लागत के कारण किसानों को उपज का अपेक्षित मूल्य नहीं मिल पाता था। स्थानीय स्तर पर सब्जी विपणन केंद्र शुरू होने के बाद किसानों की यह समस्या काफी हद तक दूर हुई है। अब किसान अपने क्षेत्र में ही उपज बेच पा रहे हैं, जिससे उन्हें उचित मूल्य मिलने के साथ समय और परिवहन लागत की बचत हो रही है।

8,901 किसानों से खरीदी गई 7,216 क्विंटल सब्जियां

सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) प्रमोद कुमार के अनुसार, वर्ष 2022 से 2026 तक थत्यूड़ एवं अलमस के सब्जी विपणन केंद्रों के माध्यम से 8,901 किसानों से 7,216.08 कुंतल सब्जियों की खरीद की गई। इसके एवज में किसानों के बैंक खातों में ₹1,84,64,300 का भुगतान किया गया। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि किसान हितैषी नीतियों और सहकारी मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है। इससे क्षेत्र के हजारों किसानों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ मिला है। भविष्य में इस मॉडल का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार किए जाने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक किसान स्थानीय विपणन व्यवस्था से जुड़ सकें।

किसानों के साथ सहकारी समितियों को भी लाभ

परियोजना के तहत संबंधित बहुउद्देशीय सहकारी समितियां किसानों को सब्जी विपणन केंद्रों से जोड़ने का कार्य कर रही हैं। किसानों से खरीदी गई सब्जियों के आधार पर समितियों को दो प्रतिशत कमीशन भी दिया जाता है। इससे किसानों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ सहकारी संस्थाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो रही है।

केंद्रों का किराया संस्था उठा रही, समितियों का भार हुआ कम

वर्ष 2026 से थत्यूड़ और अलमस स्थित दोनों सब्जी विपणन केंद्रों के भवन का किराया संबंधित संस्था द्वारा वहन किया जा रहा है। इससे सहकारी समितियों पर पड़ने वाला अतिरिक्त वित्तीय भार समाप्त हो गया है। इसके चलते केंद्रों का संचालन अधिक सुगम और टिकाऊ तरीके से किया जा रहा है।

नैनबाग में भी खुलेगा नया सब्जी विपणन केंद्र

थत्यूड़ और अलमस के केंद्रों की सफलता को देखते हुए वर्तमान वर्ष में नैनबाग क्षेत्र में भी पांच बहुउद्देशीय सहकारी समितियों के सहयोग से नया सब्जी विपणन केंद्र स्थापित किया जा रहा है। केंद्र शुरू होने के बाद क्षेत्र के किसानों को अपनी कृषि उपज के विपणन के लिए स्थानीय स्तर पर एक और सुलभ एवं विश्वसनीय बाजार उपलब्ध होगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने के साथ सहकारी विपणन व्यवस्था को भी और मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्थानीय केंद्र से समय और धन दोनों की बचत : नीरज

थत्यूड़ क्षेत्र के किसान नीरज ने बताया कि पहले सब्जियां बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों तक जाना पड़ता था। इससे परिवहन खर्च अधिक होने के साथ काफी समय भी खर्च होता था। अब स्थानीय विपणन केंद्र खुलने से उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और समय तथा धन दोनों की बचत हो रही है। उन्होंने बताया कि भुगतान भी समय पर मिल जाता है।

किसान नीरज ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय सब्जी विपणन केंद्र पहाड़ के किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रहे हैं।