नैनीताल। उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल की नैनी झील इन दिनों लगातार सामने आ रही दुखद घटनाओं के कारण चिंता का विषय बन गई है। बीते एक सप्ताह के भीतर झील से तीन शव बरामद किए गए हैं, जबकि एक अन्य युवक को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं ने स्थानीय प्रशासन और लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
ताजा मामला 30 जून का है, जब तीन दिनों से लापता 31 वर्षीय प्रकाश आर्या का शव पाषाण देवी मंदिर के समीप नैनी झील से बरामद किया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को झील से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
जानकारी के अनुसार, सात नंबर क्षेत्र निवासी प्रकाश आर्या मल्लीताल स्थित एक होटल में कार्यरत था। 27 जून की रात वह अपने एक मित्र से मिलने की बात कहकर होटल से निकला था, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटा। अगले दिन ड्यूटी पर नहीं पहुंचने पर होटल प्रबंधन ने परिजनों को सूचना दी।
तलाश के दौरान परिजनों को पाषाण देवी मंदिर के पास झील किनारे उसका बैग, कपड़े, जूते और दूध की बोतल मिली, जिसके बाद पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस के अनुसार, झील से बरामद शव की पहचान प्रकाश आर्या के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एक सप्ताह में तीन शव
इससे पहले 26 और 27 जून को भी नैनी झील से दो अलग-अलग शव बरामद किए गए थे। इनमें स्थानीय निवासी मनीष शाह और महेंद्र चौहान शामिल थे। वहीं, नेपाली मूल के एक युवक ने भी संदिग्ध परिस्थितियों में झील में छलांग लगा दी थी, लेकिन समय रहते उसका सफल रेस्क्यू कर लिया गया।
तीन वर्षों में 25 मौतों ने बढ़ाई चिंता
आंकड़ों के अनुसार, पिछले तीन वर्षों में करीब 25 लोगों ने नैनी झील में कूदकर अपनी जान गंवाई है। लगातार सामने आ रही घटनाओं के चलते झील के आसपास विशेष रूप से ठंडी सड़क और पाषाण देवी क्षेत्र को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग उठने लगी है। स्थानीय लोग झील किनारे निगरानी बढ़ाने, सुरक्षा बैरिकेड, सीसीटीवी कैमरे और त्वरित रेस्क्यू व्यवस्था को और सशक्त बनाने की आवश्यकता बता रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि संवेदनशील स्थलों पर निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं।
