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भारी बर्फबारी के बीच रुद्रनाथ यात्रा की तैयारियां तेज

by vasudevnews

​चमोली : जनपद के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है, जिसके चलते बद्रीनाथ धाम, हेमकुंड साहिब और विश्व प्रसिद्ध पर्यटक स्थल औली सहित रुद्रनाथ ट्रैक पर लगातार बर्फबारी हो रही है। इसी चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच 18 मई को खुलने वाले रुद्रनाथ धाम के कपाट की पूर्व तैयारियों का जायजा लेने के लिए अधिकारियों की एक टीम धाम पहुंची है। केदारनाथ रेंज के एस.डी.ओ. मोहन सिंह नेगी ने बताया कि जिलाधिकारी चमोली और उप वन संरक्षक केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के निर्देशन में 15 सदस्यीय एक विशेष निरीक्षण दल का गठन किया गया है, जिसमें विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि शामिल हैं। हालांकि भारी बर्फबारी के कारण टीम को पैदल मार्ग पर आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन दल का मुख्य उद्देश्य यात्रा मार्ग का गहन निरीक्षण कर शासन को विस्तृत रिपोर्ट सौंपना है ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए समय रहते पुख्ता इंतजाम किए जा सकें। पहाड़ों में 6 मई के बाद मौसम सामान्य होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आस्था और दुर्गम राहों का संगम है चतुर्थ केदार ‘रुद्रनाथ धाम’, 18 मई को खुलेंगे कपाट

​उत्तराखंड के चमोली जनपद में समुद्र तल से लगभग 3,600 मीटर (11,811 फीट) की ऊंचाई पर स्थित ‘चतुर्थ केदार’ भगवान रुद्रनाथ का मंदिर अपनी अद्वितीय आध्यात्मिक महत्ता और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए विश्व प्रसिद्ध है। पंच केदारों में सबसे कठिन और दुर्गम चढ़ाई वाले इस धाम की विशेषता यह है कि यहाँ भगवान शिव के ‘स्वयंभू’ मुख की पूजा नीलकंठ महादेव के रूप में की जाती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के पश्चात मोक्ष की तलाश में निकले पांडवों ने इस मंदिर का निर्माण किया था। यात्रा के दौरान श्रद्धालु पन्नार और ल्युटी जैसे मखमली बुग्यालों व घने जंगलों से होकर करीब 20 से 22 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करते हैं, जहाँ से नंदा देवी और त्रिशूल जैसी विशाल चोटियों के भव्य दर्शन होते हैं। इस वर्ष 18 मई को धाम के कपाट खुलने जा रहे हैं, जिसकी तैयारियों के लिए प्रशासन मुस्तैद है। हालांकि, वर्तमान में बद्रीनाथ और नीति-माणा घाटी सहित रुद्रनाथ ट्रैक पर हो रही लगातार भारी बर्फबारी ने पैदल मार्ग को चुनौतीपूर्ण बना दिया है, जिससे निपटने के लिए विभागीय टीमें बर्फ हटाने और व्यवस्थाएं सुचारू करने में जुटी हैं।